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ना जाने
जीवलगा
भी खाने
हिंदी शायरी ✍
निर्दोष और सच्चा
प्रेमहिईश्वरहै
टीमवर्ककेसाथकोईभीकार्यमेंजीतहासिल
शुरू
अपनाtimeआएगादिनसबकाआताहैदर्द
नशा
आ चुका तो
तस्लीमसुनो
लगा था
लगा है
प्रेम-कहानी
जैसे ही
करनापड़ताहैसबकोहीश्रम।देताहैपरमात्मासिर्फलकीरे
पशुपक्षी
डुबने लगा
खाने
Hindi
क्यू लगा
Quotes
शनिवार: ना जाने क्यू लगा भूले वादा, सुनो नया साल आ चुका तो। ...
मेरी शायरी.. आँखों की गहराई देखकर सागर भी सोचने लगा, ए बंदे ...
बुधवार: सोना-चांदी या हीरा-मोती, इन सबका ऐसा हुआ नशा। चढ़ कर ...
शनिवार : इंसान मास भी खाने लगा है, निर्दोष पशु भी खाने लगा ...
शनिवार: जैसे ही मेरी प्रेम-कहानी शुरू हुई थी, मोहब्बत पर कि ...
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