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लगा है
इंसानियत
नशा
बोलने
गद्यलिखनेकीप्रेरणामिलीहै।सिनेमाकेसंसारमेंहमबिनागीतकीकल्पनानहींकरसकतेहैं।डॉमंजुगुप्तावाशी
जीवलगा
खाने
पशुपक्षी
सिर-माथे
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पर किताब
जैसे ही
तुममेरीहसीनआंखोंकीजानहोइसदिलमेंबसेअरमानोंकीउड़ानहो
नया साल
तस्लीमसुनो
सोना-चांदी
निर्दोष और सच्चा
शुरू
डुबने लगा
Hindi
क्यू लगा
Quotes
शनिवार: ना जाने क्यू लगा भूले वादा, सुनो नया साल आ चुका तो। ...
मेरी शायरी.. आँखों की गहराई देखकर सागर भी सोचने लगा, ए बंदे ...
बुधवार: सोना-चांदी या हीरा-मोती, इन सबका ऐसा हुआ नशा। चढ़ कर ...
शनिवार : इंसान मास भी खाने लगा है, निर्दोष पशु भी खाने लगा ...
शनिवार: जैसे ही मेरी प्रेम-कहानी शुरू हुई थी, मोहब्बत पर कि ...
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