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तस्लीमसुनो
आँखो की गहराई
बोलने
डुबने लगा
नशा
ना जाने
अपनाtimeआएगादिनसबकाआताहैदर्द
तुममेरीहसीनआंखोंकीजानहोइसदिलमेंबसेअरमानोंकीउड़ानहो
टीमवर्ककेसाथकोईभीकार्यमेंजीतहासिल
भी खाने
हिंदी शायरी ✍
मोहब्बत
जीवलगा
लगा है
करनापड़ताहैसबकोहीश्रम।देताहैपरमात्मासिर्फलकीरे
इंसानियत
हीं भूले जाते
वादा
हीरा-मोती
पर किताब
Hindi
क्यू लगा
Quotes
शनिवार: ना जाने क्यू लगा भूले वादा, सुनो नया साल आ चुका तो। ...
मेरी शायरी.. आँखों की गहराई देखकर सागर भी सोचने लगा, ए बंदे ...
बुधवार: सोना-चांदी या हीरा-मोती, इन सबका ऐसा हुआ नशा। चढ़ कर ...
शनिवार : इंसान मास भी खाने लगा है, निर्दोष पशु भी खाने लगा ...
शनिवार: जैसे ही मेरी प्रेम-कहानी शुरू हुई थी, मोहब्बत पर कि ...
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